ब्रेल की तरह नई खोज कर समाज को अपनी उपयोगिता का अहसास कराये दिव्यांग - वीरेन्द्र कुमार


  कानपुर । विकलांग एसोसिएशन के तत्वावधान में आज शास्त्री नगर सेन्टर पार्क में सर रावर्ट लुई ब्रेल का जन्मदिन समारोह मनाया गया। लुई ब्रेल के जन्म दिवस समारोह को सम्बोधित करते हुए विकलांग एसोसिएशन के अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार ने बताया की सर रावर्ट लुई ब्रेल का जन्म फ्रांस के कुप ब्रे गांव में हुआ था। ब्रेल जन्म से नेत्रहीन नहीं थे ब्रेल के पिता जूता सिलने का काम करते थे|लगभग 6 वर्ष की की आयु में खेलते समय जूता सिलने वाले नोकदार औजार उनकी आँखो में चुभ गया उनकी आँखो की रोशनी चली गई और वो नेत्रहीन हो गये| एक अंग्रेज अधिकारी ने उनकी शिक्षा दीक्षा मे मदद की जिसकी वजह से 17 वर्ष की आयु मे ही लुईब्रेल ने स्पर्श लिपी का अविष्कार कर लिया था। ब्रेल के स्पर्श लिपी के अविष्कार की वजह से पुरी दुनिया के नेत्रहीन व्यक्ति आज उच्च शिक्षा ग्रहण कर उच्च पदो पर नौकरी कर रहे हैं। वीरेन्द्र कुमार ने कहा की दिव्यांगजनो को ब्रेल की तरह अपने लिए नई खोज कर समाज में अपनी उपयोगिता का अहसास कराना चाहिए| उन्होंने सरकार से लुई ब्रेल के जन्म दिवस पर राष्ट्रीय अवकाश घोषित करना चाहिए| उन्होंने कहा की दिव्यांगजनो को अवसर देने की जरूरत है|यदि दिव्यांगजनो को अवसर मिल जाए तो वो अपनी उपयोगिता का अहसास समाज व दुनिया को करा सकते हैं। आज के कार्यक्रम में प्रमुख रूप से अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार के अलावा अल्पना कुमारी, अरविन्द सिंह, राहुल कुमार, बंगाली शर्मा,अशोक कुमार वर्मा,जौहर अली, मैनुददीन, ममता कुमारी, हेमलता यादव आदि शामिल थे।