शिक्षकों ने तालाबंदी कर विरोध प्रदर्शन किया



कानपुर । उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ के तत्वाधान में शिक्षकों तालाबंदी करते हुए सभी जनपद मुख्यालयों पर विरोध के रूप में धरना प्रदर्शन करते हुए अपनी पीड़ित भावनाओं का प्रदर्शन किया वर्तमान सरकार के लगभग 3 वर्ष के कार्यकाल में बेसिक शिक्षा के अधिकारियों द्वारा निरंतर शिक्षा व शिक्षक विरोधी आदेश निर्गत किए जा रहे हैं बेसिक शिक्षा के अधिकारी द्वारा किए जा रहे आदेश जांच शिक्षकों की सेवा पर कुठारा घाट कर रहे हैं वहीं शिक्षकों को अपमानित भी कर रहे हैं लाखों प्रधानाध्यापकों के पद समाप्त कर दिए गए हैं कारण वर्ष 3 बेसिक शिक्षा की पदोन्नति नहीं हो सकी प्रदेश के लगभग 15000 विद्यालयों का मर्जर करके प्रधानाध्यापकों समाप्त किए जा चुके हैं के तमाम जनपद तो जैसे मऊ इटावा रामपुरा जी के जिले बेसिक शिक्षा अधिकारी निरंतर होकर शिक्षकों का उत्पीड़न कर रहे हैं तथा भ्रष्टाचार में लिप्त हैं अधिकारियों की तमाम शिकायतें शासन व विभाग में करने के उपरांत भी कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है प्रदेश के किसी बी विभाग में एक जनपद से दूसरे जनपद में अपनी वरिष्ठता खोकर स्वेच्छा से स्थानांतरण निर्णय पर सेवावधि निर्धारित की गई है। उत्तर प्रदेश शिक्षक महासंघ कानपुर नगर अध्यक्ष राकेश बाबू पांडे ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा माध्यमिक शिक्षा अधिनियम में बदलाव तथा धारा 21 की समाप्ति पर शिक्षकों की सेवा सुरक्षा के प्रति किए गए के विरुद्ध शिक्षकों को जागरूकता करते हुए सरकार को चुनौती दी यदि धारा 21 पुन: स्थापित कर  शिक्षकों की सेवाएं सरकार द्वारा  सुरक्षित नहीं की गई तो विशाल आंदोलन खड़ा कर शिक्षकों से जेल भर देंगे पता यही भी कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा का व्यवसायीकरण करते हुए प्रबंधकों के हाथों संपूर्ण शिक्षा व्यवस्था को गिरवी रखने की चाल सफल नहीं होने देंगे आखिरी बूंद तक शिक्षकों की सेवा सुरक्षा के प्रति समर्पित कर देंगे! धरना प्रदर्शन में अध्यक्ष राकेश बाबू पांडे परमानंद शुक्ला हेमराज सिंह और आरसी यादव राकेश तिवारी अनिल सचान प्रवीण दीक्षित सलमान नंदन शुक्ला जय वीर सिंह जी संजय तिवारी गुलाब सिंह पुष्पेंद्र सिंह शिव प्रकाश सिंह कटिहार, लोग मौजूद रहे।