समाजवादियों ने मुख्यमंत्री के खिलाफ तहरीर दी

 


कानपुर । समाजवादियों ने पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष व्यापार सभा अभिमन्यु गुप्ता के नेतृत्व में थाना छावनी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ तहरीर दी और उनपर राष्ट्रीय सम्मान अधिनियम,1971 के तहत संविधान के अपमान का आरोप लगाते हुए मुकंदमा दर्ज करने की मांग की।समाजवादियों ने हाथों में संविधान की प्रति भी ले रखी थी।सपा के पूर्व प्रदेश उपाध्यक्ष अभिमन्यु गुप्ता ने बताया की आज सुबह प्रमुख समाचार पत्रों के माध्यम से जानकारी मिली की कल 19 फरवरी 2020 को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश विधानसभा में भाषण दिया और कहा कि देश समाजवाद नहीं चाहता।प्रार्थी इससे बेहद आहत है।संविधान की प्रस्तावना में समाजवाद का उल्लेख है।प्रस्तावना में लिखा है कि हम भारत के लोग भारत को एक सम्पूर्ण प्रभुत्व सम्पन्न समाजवादी पंथनिरपेक्ष लोकतंत्रात्मक गणराज्य बंनाने के लिए दृढसंकल्पित हैं।जब संविधान में दिया है कि हमारा उद्देश्य समाजवाद की स्थापना करना है तो एक मुख्यमंत्री स्वयं संवैधानिक पद पर रहते हुए एक संवैधानिक संस्थान युपी की सम्मानित सदन में कैसे कह सकते हैं कि देश को समाजवाद नहीं चाहिए।यह तो सीधे संविधान का अपमान है।मतलब मुख्यमंत्री  संविधान के उद्देश्य का ही विरोध कर रहे हैं।यह तो सीधे संविधान का ही अपमान है।कई समाचार पत्रों की प्रति इस बात का सबूत है।इसका मतलब यह निकलता है की मुख्यमंत्री  संविधान को ही नहीं मानते हैं।ये करके मुख्यमंत्री जी ने भारत के संविधान का अपमान किया है।हर नागरिक मुख्यमंत्री के इस भाषण से बेहद आहत है। हम भारत के संविधान को मानते हैं और उसके किसी भी अपमान का विरोध करते हैं।मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ पर राष्ट्रीय सम्मान अधिनियम, 1971(Prevention of insults to National Honour Act) के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग के साथ समाजवादियों ने थाना छावनी में तहरीर दी है।अभिमन्यु गुप्ता ने कहा की अगर कार्यवाही नहीं हुई तो कोर्ट जाएंगे।साथ ही मा राज्यपाल महोदया से भी आग्रह किया की वे इस बात का संज्ञान लेकर संविधान के तहत कड़ी कार्यवाही करें।अभिमन्यु गुप्ता के साथ शेषनाथ यादव, गौरव बकसारिया, मनोज चौरसिया,अंकुर गुप्ता,शब्बीर अंसारी,मो शाहरुख, रमन बकसारिया,आशीष,करन,अमित,सोहन,मुकेश,संदीप सिंह,रितेश गुप्ता आदि रहे।